ऑन-ग्रिड इन्वर्टर का एक्स-रे: उपभोक्ता, तकनीशियन और सप्लायर्स के लिए सम्पूर्ण जानकारी

kldp0007@gmail.com

August 25, 2025

ऑन-ग्रिड इन्वर्टर का एक्स-रे: उपभोक्ता, तकनीशियन और सप्लायर्स के लिए सम्पूर्ण जानकारी

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August 25, 2025

आज सोलर इंडस्ट्री में ऑन-ग्रिड इन्वर्टर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिवाइस है। चाहे आप कंज़्यूमर हों, टेक्नीशियन हों या सप्लायर – ऑन-ग्रिड इन्वर्टर का सही ज्ञान आपको सोलर सिस्टम की सही डिजाइनिंग और इंस्टॉलेशन में मदद करता है। इस आर्टिकल में हम सिंगल फेज और थ्री फेज ऑन-ग्रिड इन्वर्टर की पूरी कार्यप्रणाली (Working), आवश्यक पार्ट्स और वायरिंग स्ट्रक्चर को एक्स-रे की तरह खोलकर समझेंगे।

ऑन-ग्रिड इन्वर्टर क्या है?

ऑन-ग्रिड इन्वर्टर एक ऐसा डिवाइस है जो सोलर पैनलों से आने वाली DC करंट को बदलकर AC करंट में बदल देता है, ताकि यह बिजली सीधे ग्रिड और घरेलू/औद्योगिक लोड में सप्लाई की जा सके। इसकी खासियत यह है कि यह बैटरी के बिना भी काम करता है और नेट-मीटरिंग के जरिये अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेज सकता है।

सिंगल फेज ऑन-ग्रिड इन्वर्टर की वर्किंग

  • यह सामान्यतः 1kW से 10kW तक की रेंज में उपलब्ध होता है।
  • घरेलू लोड जैसे पंखे, लाइट, टीवी, फ्रिज आदि के लिए उपयुक्त।
  • इन्वर्टर MPPT (Maximum Power Point Tracking) तकनीक से पैनलों का अधिकतम पावर खींचता है।
  • ग्रिड उपलब्ध होने पर ही बिजली देता है, ग्रिड न होने पर बंद हो जाता है।

थ्री फेज ऑन-ग्रिड इन्वर्टर की वर्किंग

थ्री फेज ऑन-ग्रिड इन्वर्टर का इस्तेमाल बड़े घरों, कॉमर्शियल बिल्डिंग्स और इंडस्ट्रियल प्लांट्स में होता है। इसकी रेंज सामान्यतः 5kW से 250kW+ तक होती है।

Three phase ongrid inverter
  • तीनों फेज़ में बराबर बिजली सप्लाई करता है।
  • उच्च क्षमता के सोलर पावर प्लांट्स में सबसे ज्यादा उपयोग।
  • नेट-मीटरिंग के जरिए बिजली बिल को लगभग शून्य तक ला सकता है।
  • वोल्टेज बैलेंसिंग और हार्मोनिक्स कंट्रोल जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी।

ऑन-ग्रिड इन्वर्टर के मुख्य पार्ट्स

  1. DC Disconnect Switch – पैनलों से इन्वर्टर तक करंट नियंत्रित करता है।
  2. MPPT Controller – सोलर पैनलों की दक्षता बढ़ाता है।
  3. DC to AC Converter – करंट बदलने का मुख्य हिस्सा।
  4. Anti-Islanding Protection – ग्रिड फेल होने पर सुरक्षा।
  5. Monitoring System – मोबाइल/वेब से परफॉर्मेंस ट्रैकिंग।
Internal parts of on-grid inverter labeled

कंज़्यूमर, टेक्नीशियन और सप्लायर के लिए फायदे

उपभोक्ता के लिए:

  • कम बिजली बिल (नेट-मीटरिंग के कारण)
  • लंबी उम्र (5–10 साल तक वॉरंटी)
  • स्मार्ट मॉनिटरिंग से कंट्रोल

टेक्नीशियन के लिए:

  • इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस का आसान प्रोसेस
  • ट्रबलशूटिंग में आसान (एरर कोड्स उपलब्ध)
  • मार्केट में उच्च मांग

सप्लायर के लिए:

  • सोलर इंडस्ट्री की तेजी से बढ़ती डिमांड
  • ब्रांड वैरायटी – Growatt, Sungrow, Huawei, Delta, Luminous, आदि
  • नेट-मीटरिंग और सरकारी सब्सिडी के कारण हाई सेल्स

निष्कर्ष

ऑन-ग्रिड इन्वर्टर आधुनिक सोलर सिस्टम की रीढ़ है। चाहे यह सिंगल फेज हो या थ्री फेज – सही चयन और इंस्टॉलेशन से आप अपनी बिजली की लागत को काफी हद तक कम कर सकते हैं। कंज़्यूमर को इसे समझना चाहिए, टेक्नीशियन को इंस्टॉलेशन का सही तरीका आना चाहिए, और सप्लायर को इसके फायदे और विशेषताओं की जानकारी होनी चाहिए।

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